चंडीगढ़ में ‘फर्जी नोट’ फैक्ट्री का भंडाफोड़: 1 करोड़ से ज्यादा के नोट छाप चुके 3 आरोपी गिरफ्तार, चीन कनेक्शन का शक

चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए नोट छापना सीखकर ₹100 और ₹500 के जाली नोटों की खेप तैयार कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 2 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं, जबकि जांच में सामने आया है कि यह गैंग अब तक 1 करोड़ से ज्यादा के नकली नोट छाप चुका है।

सीक्रेट इनपुट पर बिछाया जाल

क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में भारी मात्रा में नकली नोटों की सप्लाई होने वाली है। पुलिस के अनुसार, यह गैंग न केवल बाजार में सीधे नोट खपा रहा था, बल्कि असली नोटों के बदले भारी कमीशन पर थोक में भी नकली नोटों की डिलीवरी कर रहा था। जैसे ही तीनों आरोपी खेप डिलीवर करने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

तीन राज्यों के तीन दोस्त; यूट्यूब बना उस्ताद

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के अविनाश कुमार, नई दिल्ली के सत्यम विश्वकर्मा और हरियाणा के संदीप के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला है कि इन तीनों ने सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए हाई-क्वालिटी प्रिंटर से नोट छापने की तकनीक सीखी थी। पहले इन्होंने लखनऊ (उत्तर प्रदेश) को निशाना बनाया और अब चंडीगढ़ में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहे थे।

विदेशी तार और पुराना ‘चीन’ कनेक्शन

पुलिस को इस रैकेट के पीछे बड़े विदेशी कनेक्शन का संदेह है। गौरतलब है कि 3 महीने पहले भी चंडीगढ़ पुलिस ने एक गैंग पकड़ा था, जो नकली नोटों में इस्तेमाल होने वाला सुरक्षा धागा (Security Thread) चीन से मंगवाता था। उस मामले का मास्टरमाइंड ‘गोंडिया’ अभी भी फरार है, जिसके गुजरात में छिपे होने की आशंका है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या मौजूदा आरोपियों का संबंध भी उसी नेटवर्क से है।

पुलिस की कार्रवाई और रिमांड

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाल रही है ताकि उनके ग्राहकों और मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके। पुलिस यह पता लगा रही है कि वे कितने रुपये के बदले कितने नकली नोट बेचते थे और इनके गिरोह में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।