वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 प्रतिभाशाली बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया। ये बच्चे देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए थे, जिन्होंने वीरता, खेल, कला, विज्ञान और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया।
इन पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में बिहार के 14 वर्षीय युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चित हैं। पुरस्कार ग्रहण करने के लिए दिल्ली पहुंचने के कारण वे विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की टीम की ओर से मणिपुर के खिलाफ मैच नहीं खेल सके। इसी सूची में पंजाब के फिरोजपुर निवासी श्रवण सिंह का नाम भी है, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सीमा पर तैनात सैनिकों को चाय, दूध और नाश्ता पहुंचाकर उनकी सेवा की थी। इसके अलावा, बिहार के कैमूर जिले के कमलेश कुमार को साहस की श्रेणी में मरणोपरांत सम्मानित किया गया। उन्होंने दुर्गावती नदी में डूबते एक अन्य बच्चे की जान बचाने का प्रयास करते हुए अपनी जान गंवा दी थी।
वीर बाल दिवस सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्रों साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह की वीरता और बलिदान की याद में मनाया जाता है। इन साहिबजादों ने मुगल शासकों के अत्याचारों के सामने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। विशेष रूप से छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह की शहादत 26 दिसंबर 1705 को हुई थी, जब उन्होंने धर्म परिवर्तन के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इस बलिदान को सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया था। यह दिन बच्चों में साहस, देशभक्ति और नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने का प्रतीक बन गया है।