राजधानी में साल 2025 में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों ने प्रदेश भर में बढ़ते मादक पदार्थ के कारोबार पर लगाम लगाने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पुलिस, डीआरआई और एनसीबी ने ड्रग्स के बड़े रैकेट का मात्र भंडाफोड़ ही नहीं किया, बल्कि नशे बनाने वाली फैक्ट्रियां भी पकड़ी। यहां से नशे का लगभग 200 करोड़ रुपए का मादक पदार्थ जब्त किया गया। सबसे बड़ा एक्शन केंद्र के खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने भोपाल में लिया, ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक के जरिए डीआरआई ने राजधानी के जगदीशपुर इलाके में नशे के बड़े सौदागरों द्वारा चलाई जा रही मेफेड्रोन की फैक्ट्री पकड़कर गिरोह के सात सदस्यों को हिरासत में लिया और 92 करोड़ के मादक पदार्थ और केमिकल पकड़े। इसके अलावा ऑपरेशन वीड आउट के जरिए भी थाइलैंड से लाए गए 72 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़कर छह तस्करो को हिरासत में लिया गया। इस काम में नारकोटिस कंट्रोल यूरो (एनसीबी) और एमपी पुलिस की नारकोटिस विंग भी पीछे नहीं रही और नीमच में अवैध अफीम फैट्री के साथ ही तस्करों को हिरासत में लेकर करोड़ों के मादक पदार्थ बरामद किए हैं।