2026 का आगाज़: देशभर के मंदिरों और हिल स्टेशनों पर ‘महाकुंभ’ जैसे हालात; अयोध्या से कश्मीर तक उमड़ा जनसैलाब

नए साल 2026 के स्वागत के लिए पूरा भारत श्रद्धा और पर्यटन के रंग में रंगा हुआ है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक नगरों से लेकर कश्मीर की बर्फीली वादियों और राजस्थान के रेगिस्तान तक, भीड़ ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर ‘हाई-अलर्ट’ जारी किया है और कई शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है।

अयोध्या, काशी और मथुरा में आस्था का सैलाब

धार्मिक स्थलों पर नए साल की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद के साथ करने के लिए श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी है:

  • अयोध्या (राम मंदिर): रामलला के दरबार में दर्शनार्थियों का आंकड़ा 5 लाख के करीब पहुँचने का अनुमान है। यहाँ राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी हो रहे हैं। कर्नाटक से लाई गई 30 करोड़ रुपये मूल्य की स्वर्ण प्रतिमा (हीरे-माणिक जड़ित) आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 1 जनवरी तक सभी वीआईपी दर्शन रद्द कर दिए हैं।
  • काशी विश्वनाथ (वाराणसी): यहाँ प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए 3 जनवरी तक ‘स्पर्श दर्शन’ पर रोक लगा दी गई है; अब केवल झांकी दर्शन ही हो सकेंगे। काशी के घाटों पर शाम की गंगा आरती में भी रिकॉर्ड भीड़ दर्ज की जा रही है।
  • मथुरा-वृंदावन: बांके बिहारी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के कारण प्रबंधन ने 5 जनवरी तक श्रद्धालुओं से वृंदावन न आने की अपील की है। भक्तों को दर्शन के लिए करीब 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है।

कश्मीर और राजस्थान ‘हाउसफुल’

पहलगाम में हुए हालिया आतंकी साये को पीछे छोड़ते हुए सैलानियों ने एक बार फिर घाटी का रुख किया है:

  • जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग और पहलगाम जैसे प्रमुख विंटर डेस्टिनेशन में होटलों की बुकिंग 80 से 100% तक पहुँच गई है। ताज़ा बर्फबारी और ‘चिल्लाई कलां’ की ठंड के बीच पर्यटक स्कीइंग और गोंडोला सवारी का आनंद ले रहे हैं। माता वैष्णो देवी धाम में भी जयकारों के साथ लाखों भक्त भवन पहुँच रहे हैं, जहाँ 550 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और आरएफआईडी (RFID) तकनीक से निगरानी रखी जा रही है।
  • राजस्थान: जैसलमेर के रेतीले धोरों में पिछले 10 सालों का सबसे बड़ा टूरिस्ट बूम देखा जा रहा है। जयपुर में रोजाना 50 हजार से अधिक पर्यटक पहुँच रहे हैं, जहाँ होटलों का किराया 30% तक बढ़ गया है। उदयपुर की झीलों पर भी सैलानियों का जमावड़ा लगा हुआ है।

प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा उपाय

इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सभी राज्यों की पुलिस मुस्तैद है:

  • क्राउड मैनेजमेंट: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर रात 9 बजे से ही बैरिकेडिंग और चेकिंग शुरू कर दी गई है।
  • ड्रोन और सीसीटीवी: वाराणसी, अयोध्या और उज्जैन में ड्रोन कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
  • हेल्पलाइन और एडवाइजरी: प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए जेब में मोबाइल नंबर और पता लिखी पर्ची रखने की सलाह दी है।