2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेलों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयासरत रहे हैं। वे जीतने वाली टीमों के खिलाड़ियों के साथ-साथ असफल रहने वाले एथलीटों से भी व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं और उन्हें प्रोत्साहित करते हैं, अक्सर उन्हें पीएमओ या अपने निवास पर आमंत्रित करके।
इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरे जोर-शोर से तैयारी कर रहा है। वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप के उद्घाटन कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर प्रधानमंत्री ने पिछले साढ़े ग्यारह वर्षों में खेल क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में देश ने फीफा अंडर-17 विश्व कप और हॉकी विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स सहित 20 से ज्यादा बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफलतापूर्वक मेजबानी की है। इसके अलावा, 2030 राष्ट्रमंडल खेल भी भारत में ही होंगे, जो देश के मजबूत खेल बुनियादी ढांचे और क्षमता का प्रमाण हैं।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे और हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी पूरी ताकत लगा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि देश के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अवसर मिलें। बड़े आयोजन खिलाड़ियों को वैश्विक अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे उनका प्रदर्शन नई ऊंचाइयों को छूता है।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जिसमें विकास के हर क्षेत्र के साथ खेल भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। सरकार ने खेलों में व्यापक सुधार किए हैं, जैसे राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और ‘खेलो भारत नीति 2025’। इनसे सच्ची प्रतिभाओं को मौका मिलेगा, खेल संस्थानों में पारदर्शिता आएगी और युवा शिक्षा के साथ-साथ खेल में भी आगे बढ़ सकेंगे।
एक तरफ मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग व्यवस्था विकसित की जा रही है, तो दूसरी तरफ युवा एथलीटों को बेहतर अनुभव प्रदान करने पर भी जोर दिया जा रहा है।पीएम ने याद दिलाया कि पहले के समय में सरकार और समाज दोनों ही खेलों के प्रति उदासीन थे, जिससे बहुत कम युवा इसे करियर बनाते थे। लेकिन अब पिछले दशक में यह मानसिकता पूरी तरह बदल चुकी है और देश में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण बना है।
अंत में उन्होंने कहा कि आज भारत इसलिए तेजी से प्रगति कर रहा है क्योंकि हर नागरिक ‘इंडिया फर्स्ट’ की भावना से काम कर रहा है। स्वच्छता अभियान से डिजिटल पेमेंट्स तक, ‘एक पेड़ मां के नाम’ से विकसित भारत संकल्प तक सभी क्षेत्रों में सफलता इसलिए मिल रही है क्योंकि पूरे देश में सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल है।