जिंसी स्लॉटर हाउस में गोमांस की मिलावट का आरोप, विवादित ठेकेदार को लेकर सियासी घमासान

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के आधुनिक स्लॉटर हाउस (कत्लखाने) के संचालन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिंसी स्थित इस स्लॉटर हाउस से जब्त किए गए करीब 26 टन मांस के स्टॉक में गोमांस (Beef) की मिलावट होने के गंभीर आरोपों ने शहर का सांप्रदायिक और राजनीतिक पारा गरमा दिया है।

विवादित ठेकेदार को काम देने पर सवाल

विवाद की मुख्य जड़ नगर निगम द्वारा असलम कुरैशी को ठेका दिया जाना है। आरोप है कि यह वही ठेकेदार है जिस पर पहले भी गोशालाओं से निकलने वाले मृत गोवंश के शवों को खुले में फेंकने और उनकी हड्डियों व चमड़े का अवैध व्यापार करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। इसके बावजूद, भोपाल नगर निगम की एमआईसी (MIC – Mayor-in-Council) ने उसे आधुनिक स्लॉटर हाउस के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी, जिस पर अब भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।

कांग्रेस और हिंदू संगठनों का कड़ा विरोध

इस खुलासे के बाद कांग्रेस और विभिन्न हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव करते हुए सरकार से सवाल किया है कि जिस व्यक्ति का रिकॉर्ड दागदार रहा है, उसे ही शहर के मांस वितरण की जिम्मेदारी क्यों दी गई? विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से भोपाल में प्रतिबंधित मांस की सप्लाई की जा रही है, जो न केवल कानूनी बल्कि धार्मिक भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है।

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच

भारी विरोध प्रदर्शनों और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जब्त किए गए मांस के नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। वर्तमान में ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने और स्लॉटर हाउस को तत्काल प्रभाव से सील करने की मांग उठ रही है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ रासुका (NSA) जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।