ट्रंप की नई ‘मिलिट्री डॉक्ट्रिन’: वेनेजुएला के बाद अब मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स पर जमीनी हमले की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सीधे जमीनी सैन्य युद्ध छेड़ने का आधिकारिक संकेत दे दिया है। फॉक्स न्यूज को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में ट्रंप ने कड़े लहजे में स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब अमेरिका केवल समुद्र में ड्रग तस्करी के जहाजों को निशाना बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि उन ठिकानों पर सीधा प्रहार करे जहां ये कार्टेल्स सक्रिय हैं। ट्रंप ने मेक्सिको की संप्रभुता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वहां की सत्ता वास्तव में सरकार के हाथ में नहीं है, बल्कि ड्रग माफिया ही पूरे देश को चला रहे हैं।

ट्रंप की यह आक्रामक चेतावनी उस साहसी सैन्य अभियान के ठीक बाद आई है, जिसमें अमेरिकी सुरक्षा बलों ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क की जेल पहुंचा दिया। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने ‘पश्चिमी गोलार्ध’ में अमेरिकी वर्चस्व की घोषणा कर दी थी और अब ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ जमीनी हमलों की धमकी को अमेरिका की नई ‘मिलिट्री डॉक्ट्रिन’ के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन अब ‘हॉट परस्यूट’ की नीति अपना रहा है, जिसके तहत वे ड्रग्स की जड़ को खत्म करने के लिए किसी भी देश की सीमा के भीतर घुसकर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों में पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर में संदिग्ध ‘ड्रग बोट्स’ पर भीषण हमले किए हैं, जिसमें अब तक 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इन समुद्री अभियानों के जरिए अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई है, लेकिन असली निर्णायक लड़ाई अब मेक्सिको की जमीन पर लड़ी जाएगी। इस घोषणा ने मेक्सिको और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक पड़ोसी देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाला बयान है।