रफ्यूम पीकर फांसी पर झूला युवक, परिजनों ने लगाया ‘जादू-टोने’ का आरोप

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 28 वर्षीय एक युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में पहले परफ्यूम पिया और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विद्यासागर के रूप में हुई है, जो पेशे से मिस्त्री था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, वहीं परिजनों के दावों ने अंधविश्वास की बहस को भी जन्म दे दिया है।

ऑनलाइन मंगाया था परफ्यूम, फिर उठाया खौफनाक कदम

परिजनों के अनुसार, सोमवार (5 जनवरी) को विद्यासागर घर पहुँचा और अपने छोटे भाई से ऑनलाइन मंगाया हुआ परफ्यूम मांगा। परफ्यूम लगाने के बाद वह उसे लेकर अपने कमरे में चला गया। आरोप है कि उसने कमरे के भीतर पहले परफ्यूम की पूरी शीशी पी ली और फिर फांसी के फंदे पर झूल गया। जब घरवालों ने उसे देखा, तो वह लटक चुका था। आनन-फानन में उसे जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जादू-टोने का दावा बनाम मानसिक स्थिति

मृतक के बड़े भाई बजरंग सिंह उइके ने पुलिस को बताया कि विद्यासागर बहुत ही शांत स्वभाव का था, लेकिन पिछले कुछ समय से उसकी तबीयत और व्यवहार में अचानक बदलाव आ रहे थे। परिजनों का मानना है कि विद्यासागर किसी ‘जादू-टोने’ का शिकार था और इसी के प्रभाव में आकर उसने सुसाइड किया। हालांकि, कानून और विज्ञान ऐसी धारणाओं को स्वीकार नहीं करते हैं।

विशेषज्ञ की राय: अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य

इस मामले पर डॉ. दिनेश मिश्र का कहना है कि समाज में फैला अंधविश्वास मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। कोई भी जादू-टोना किसी की जान नहीं ले सकता; यह केवल एक मानसिक भ्रम है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में पीड़ित को झाड़-फूंक के बजाय मानसिक रोग विशेषज्ञ (Psychiatrist) के पास ले जाना चाहिए।

घर में पसरा मातम

विद्यासागर की शादी पिछले साल 2025 में ही हुई थी। उसकी पत्नी वर्तमान में 7 माह की गर्भवती है। पति की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया है और मामले की डायरी संबंधित थाने को भेजकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।