बैंक ऐप अपडेट करने के नाम पर IITTM के अधिकारी से ₹1.72 लाख की ठगी, पुलिस ने जारी की ‘APK’ फाइल वार्निंग

ग्वालियर में साइबर ठगों ने एक प्रोग्राम ऑफिसर के मोबाइल को हैक कर उनके तीन बैंक खातों से लाखों रुपये पार कर दिए। भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) में कार्यरत डॉ. विनय कुमार राय को ठगों ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का ऐप अपडेट कराने का झांसा दिया और उनके खाते से कुल 1 लाख 72 हजार रुपये निकाल लिए।

सोशल मीडिया पर शिकायत करना पड़ा भारी

घटना की शुरुआत तब हुई जब डॉ. विनय का ‘पीएनबी वन’ ऐप ठीक से काम नहीं कर रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत बैंक की सोशल मीडिया साइट पर एक पोस्ट के जरिए की। कुछ ही समय बाद उनके पास मोबाइल नंबर 98630 49421 से एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर ऐप अपडेट करने में मदद की पेशकश की और उनके वॉट्सऐप पर एक APK फाइल भेजी।

APK फाइल क्लिक करते ही साफ हुए खाते

डॉ. विनय ने जैसे ही उस फाइल को डाउनलोड कर अपडेट किया, ठगों ने उनके मोबाइल का पूरा एक्सेस (Control) हासिल कर लिया। इसके बाद कुछ ही मिनटों में उनके तीन अलग-अलग खातों (चेतकपुरी और साडा ब्रांच) से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ठगों ने उनकी 1 लाख रुपये की एफडीआर (FDR) तोड़ दी, आरडी खाते से 30 हजार और सेविंग अकाउंट से 42 हजार रुपये निकाल लिए।

पुलिस और बैंक की कार्रवाई

पैसे कटने का एहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपने खाते फ्रीज करवाए। मामले की शिकायत एसपी ऑफिस स्थित साइबर सेल और थाटीपुर थाना पुलिस में दर्ज कराई गई है। साइबर पुलिस अब उस मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर ठगों की तलाश कर रही है।

भूलकर भी न खोलें APK फाइल

इस घटना के बाद ग्वालियर पुलिस ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि बैंक कभी भी वॉट्सऐप पर फाइल भेजकर ऐप अपडेट नहीं करवाते। ‘APK’ फाइलें असल में वायरस या हैकिंग टूल्स होती हैं, जो आपके मोबाइल का डेटा और बैंकिंग एक्सेस ठगों को दे देती हैं। किसी भी ऐप को केवल आधिकारिक ‘प्ले स्टोर’ या ‘ऐप स्टोर’ से ही अपडेट करें।