सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को मार गिराया; नेशनल पार्क कमेटी चीफ दिलीप के मारे जाने की आशंका

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर स्थित बीजापुर नेशनल पार्क क्षेत्र में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया है। मौके से एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार और माओवादी सामग्री बरामद की गई है। माना जा रहा है कि इस मुठभेड़ में नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है।

पापाराव की मौजूदगी की सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन

सुरक्षाबलों को नेशनल पार्क एरिया में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के इकलौते सदस्य और क्षेत्र के इंचार्ज पापाराव की बड़ी टुकड़ी के साथ मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया। शनिवार तड़के जब जवानों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की, तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला।

एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा के मारे जाने की संभावना

मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। हालांकि आधिकारिक शिनाख्त अभी प्रक्रियाधीन है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मारे गए नक्सलियों में से एक नेशनल पार्क एरिया कमेटी का चीफ दिलीप वेंडजा हो सकता है। बीजापुर पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ रुक-रुक कर अभी भी जारी है और जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की जा रही है।

नक्सली नेतृत्व के खात्मे की ओर बढ़ते कदम

पिछले डेढ़ वर्षों में सुरक्षाबलों ने बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल की है। इस दौरान माड़वी हिड़मा और बसवाराजू जैसे 23 शीर्ष नक्सली मारे जा चुके हैं, जबकि कई बड़े चेहरों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। अब संगठन की कमान केवल देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति जैसे गिने-चुने नेताओं के हाथ में बची है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य अब पापाराव और देवा हैं, जो अपनी जान बचाने के लिए जंगलों में छिपे हुए हैं।