मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। पत्र में पटवारी ने दावा किया है कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सीएम मोहन यादव को इन विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि सिस्टम पर से उनका नियंत्रण खत्म होता जा रहा है।
भ्रष्टाचार और असुरक्षा के मुद्दे पर घेरा
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में प्रदेश की वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताएं और सत्ता का दुरुपयोग चरम पर है। पटवारी ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि जिला प्रशासन स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी या स्वतंत्र समिति से कराई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और इससे मध्य प्रदेश की छवि देश भर में खराब हो रही है।
बीजेपी ने बताया ‘सियासी नौटंकी’, वार-पलटवार तेज
पटवारी के इस पत्र के बाद प्रदेश में सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जहां इसे जनहित और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह केवल दबाव बनाने और सुर्खियों में रहने की कोशिश है। हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन पटवारी के इस कड़े रुख ने आगामी दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के संकेत दे दिए हैं।