मध्य प्रदेश में शीतलहर और कोहरे ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। रविवार सुबह राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर के बीच दर्ज की गई। कोहरे का असर इतना गहरा था कि दोपहर 11 बजे तक धूप नहीं निकली। खराब दृश्यता के कारण धार में इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर एक बड़ा हादसा हुआ, जहाँ एक ट्रक ने दो कारों और एक पिकअप को टक्कर मार दी। हालांकि, इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
राजगढ़ सबसे ठंडा, दतिया में दिन के पारे में भारी गिरावट
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बीती रात राजगढ़ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा है। दतिया में शनिवार को दिन के तापमान में रिकॉर्ड 9 डिग्री की गिरावट देखी गई, जिससे अधिकतम तापमान महज 18.6 डिग्री रह गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर 8.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा क्रमश: 11.9 और 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: दो दिन बारिश की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में 27 और 28 जनवरी को गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
- 27 जनवरी: भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बारिश की संभावना है।
- 28 जनवरी: जबलपुर, रीवा, शहडोल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
खेती और स्वास्थ्य पर असर
पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चंबल और नरसिंहपुर के कुछ हिस्सों में हुई हल्की बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। उत्तर भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण हवाओं का रुख बदल गया है, जिससे आने वाले दो-तीन दिनों तक मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बदलती ठंड से सावधान रहने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।