अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के बीच सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 से 15 दिनों में कोई सार्थक समझौता नहीं होता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है और “बुरी चीजें” घट सकती हैं।
ट्रंप ने यह बयान वॉशिंगटन में आयोजित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान को एक मजबूत और प्रभावी समझौता करना होगा, अन्यथा परिणाम अच्छे नहीं होंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया, “शायद हम डील कर लें, शायद नहीं। आपको अगले करीब 10 दिनों में पता चल जाएगा।” बाद में एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने समयसीमा को 10 से 15 दिनों तक बढ़ाया और इसे “अधिकतम” बताया।
ट्रंप ने अपने विशेष दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर का जिक्र किया, जिन्होंने ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता की है। उनके अनुसार, इन बैठकों का माहौल सकारात्मक रहा है और अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन अभी अंतिम सहमति बाकी है। हाल ही में जेनेवा में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत को दोनों पक्षों ने सकारात्मक करार दिया था, हालांकि कई प्रमुख मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी काफी बढ़ा दी है। क्षेत्र में दो विमानवाहक पोत तैनात किए जा रहे हैं, साथ ही लड़ाकू विमान, अतिरिक्त रक्षा प्रणालियां और अन्य सैन्य संसाधन भेजे गए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने अपने परमाणु और मिसाइल ठिकानों को मजबूत करने के संकेत दिए हैं, हालांकि तेहरान बार-बार इनकार करता है कि वह परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब निर्णायक और आनुपातिक रूप से दिया जाएगा।