मध्य प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट: 27,746 करोड़ के फैसले

मध्य प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक मंगलवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान हितैषी कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की।

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि भीलट देव के पवित्र स्थल से इस कैबिनेट की शुरुआत होना निमाड़ क्षेत्र के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी संकल्पों को खेती-बागवानी क्षेत्र में हो रही प्रगति का आधार बताया। कैबिनेट ने कुल 27,746 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की, जिसमें 16 विभिन्न विभागों की योजनाएं शामिल हैं।

सिंचाई, पशुपालन और कृषि पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि पानसेमल सिंचाई परियोजना के लिए 1,208 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कृषि कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए 3,500 करोड़ रुपये, जबकि पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं में लगभग 9,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सहकारिता विभाग तथा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की कई योजनाएं भी इस पैकेज में शामिल हैं।

सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 2,397 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। चालू कृषक कल्याण वर्ष में कुल 38,000 करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बड़वानी जिले के लिए विशेष घोषणाएं

बैठक में पाटी क्षेत्र में 5,940 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। बड़वानी की खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा और उनके लिए प्रदेश के बाहर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, बीज निगम के अंतर्गत बजट्टा खुर्द को आदर्श बीज केंद्र के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई है।

पूजा-अर्चना के साथ बैठक की शुरुआत

कृषि कैबिनेट की कार्यवाही से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ नागलवाड़ी स्थित भीलट देव मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की तथा कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए पूर्ण समर्पण से कार्यरत है।

मुख्यमंत्री ने निमाड़वासियों को नर्मदा नदी के किनारे बसे होने पर सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि कृषि कैबिनेट के सभी निर्णय प्रदेश एवं विशेषकर किसानों के उत्थान के लिए लिए गए हैं।