भोपाल के पटेल नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, आदमपुर छावनी निवासी मजदूर लक्ष्मण बंशकार को 2 फरवरी को घर में अचानक चक्कर आने और बेहोश होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच में उनके सिर में क्लॉटिंग की पुष्टि की। इलाज के दौरान बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मौत का प्रारंभिक कारण कार्डियक अरेस्ट बताया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चलेगा।
परिजनों का आरोप
मृतक के परिजनों का कहना है कि चक्कर जैसी साधारण समस्या के बावजूद युवक को आईसीयू में भर्ती किया गया। अस्पताल प्रशासन ने इलाज की जानकारी, दवाइयों और प्रक्रिया के बारे में पारदर्शिता नहीं बरती। आखिरी समय में किसी को भी मरीज से मिलने नहीं दिया गया। जब परिजनों ने स्टाफ से बात की तो उन्हें बदसलूकी का सामना करना पड़ा और इलाज करने वाले डॉक्टर से मिलने से इनकार कर दिया गया। इससे उनकी शंका बढ़ी और वे अस्पताल की नीयत पर सवाल उठाने लगे।
हंगामा और पथराव
मौत की सूचना मिलते ही परिजन डॉक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने डॉक्टर के न होने की बात कही। इससे भड़के लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस को बुलाया गया तो भीड़ और उग्र हो गई। लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें पिपलानी थाने के टीआई की सरकारी बोलेरो का शीशा टूट गया और अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हुए। आरक्षक हेमंत और प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र को कान में चोट आई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी को मामूली चोटें आईं। पथराव तीन तरफ से हुआ और इसमें 50 से अधिक लोग शामिल थे, जिनमें महिलाएं भी बड़ी संख्या में थीं।
पुलिस की कार्रवाई
पिपलानी थाने के टीआई चंद्रिका यादव ने बताया कि हंगामा सुबह 10:30 से करीब 11:30 बजे तक चला। पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की और आसपास के थानों से अतिरिक्त बल बुलाया। परिजनों को शिकायत दर्ज करने और पोस्टमार्टम के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन वे तुरंत डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर बाकी गिरफ्तारियां की जा रही हैं।