तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में एक मजबूत गठबंधन खड़ा किया है, जिसमें कुल 21 दल शामिल हैं।
इस गठबंधन में कांग्रेस एक बार फिर प्रमुख सहयोगी के रूप में शामिल है। हाल ही में DMK और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागाई के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति बन गई। समझौते के अनुसार, कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में 28 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
इसके अतिरिक्त, राज्यसभा की आगामी चुनावों में कांग्रेस को एक सीट आवंटित की गई है। DMK ने राज्यसभा के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता तिरुचि एन. शिवा पर फिर से भरोसा जताया है, जो अब पांचवीं बार राज्यसभा जा रहे हैं। वहीं, पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन को पहली बार राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। गठबंधन में DMK को दो, कांग्रेस को एक और DMDK को एक राज्यसभा सीट मिली है।
DMK ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया है कि तमिलनाडु की राजनीति में यह पहली बार है जब कोई गठबंधन बिना किसी टूट-फूट के और नए दलों को शामिल करते हुए लगातार चार चुनाव लड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि पहले ऐसे गठबंधन आमतौर पर एक चुनाव के बाद बिखर जाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री स्टालिन के सौम्य स्वभाव और कुशल नेतृत्व से यह नया रिकॉर्ड बना है।
DMK ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि पिछले दो वर्षों से विपक्षी नेता गठबंधन के टूटने की भविष्यवाणियां कर रहे थे, लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। DMK ने तंज कसते हुए कहा कि AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी गठबंधन के विघटन की आस लगाए बैठे थे, लेकिन अंत में वे अकेले पड़ गए। पार्टी का दावा है कि सत्ताधारी गठबंधन की मजबूत लहर देखकर कई नए दल भी इसमें शामिल हो रहे हैं।