धीरेंद्र शास्त्री का तीखा वार: “हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी”

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम सरकार) ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में चल रही दिव्य श्री हनुमंत कथा के दौरान धर्मांतरण गतिविधियों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने मिशनरियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आसपास रहने वाले हालेलुया वालों की भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल बंद होना चाहिए।

शास्त्री जी ने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा (भतीजा) बताते हुए स्थानीय लोगों से गहरा जुड़ाव जताया। उन्होंने कहा कि यह माता कौशल्या की पवित्र भूमि है और यहां उनका पूरा अधिकार है। कोरबा की ऊर्जा शक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में टिप्पणी की कि अगर कोरबा का कोयला बंद हो गया तो मध्य प्रदेश में भी अंधेरा छा जाएगा।

कथा का विवरण

  • अवधि: 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक (पांच दिन)
  • स्थान: ग्राम ढपढप, बांकी मोंगरा क्षेत्र, कोरबा (76 एकड़ में विशाल सभा स्थल तैयार)
  • समय: दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक
  • विशेष आकर्षण: 30 मार्च को दिव्य दरबार का आयोजन, अंतिम दिन 108 निर्धन एवं दिव्यांग कन्याओं का सामूहिक विवाह

पहले दिन ही कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रशासन को सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। शहर के सफाई कर्मचारियों को मुख्य यजमान बनाया गया है, जो सेवा भावना का अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है।

27 मार्च को 21 हजार से अधिक महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली थी, जिसमें उत्साह का माहौल रहा। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

शास्त्री जी का संदेश

धीरेंद्र शास्त्री ने कोरबा वासियों के प्रेम और विश्वास की तारीफ करते हुए कहा कि यहां लोगों का भक्ति भाव पागलपन की हद तक है, जो उन्हें बेहद पसंद आया। उन्होंने सनातन धर्म की जड़ें मजबूत करने और भटके हुए लोगों की घर वापसी पर जोर दिया।

वायरल वीडियो

मंच से दिए गए उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इसमें वे स्पष्ट शब्दों में मिशनरी गतिविधियों पर चेतावनी देते दिख रहे हैं। प्रशासन ने पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में सनातन भक्ति और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बन गया है।