रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और प्रसिद्ध उद्योगपति विजयपत सिंघानिया का रविवार को 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके पुत्र गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर की पुष्टि की।
गौतम ने अपने पोस्ट में पिता को दूरदर्शी उद्योगपति और समर्पित समाजसेवी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि विजयपत सिंघानिया की विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा।
साहसिक उड़ानों के लिए मशहूर
विजयपत सिंघानिया न सिर्फ कारोबार जगत में अपनी पहचान रखते थे, बल्कि साहसिक कार्यों के लिए भी दुनिया भर में जाने जाते थे। वे एक कुशल पायलट थे और एडवेंचर की दुनिया में उनके योगदान अविस्मरणीय हैं।
वर्ष 1988 में उन्होंने लंदन से नई दिल्ली तक अकेले माइक्रोलाइट विमान उड़ाकर एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा, 2005 में 67 वर्ष की उम्र में उन्होंने हॉट एयर बैलून से लगभग 69,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।
इन उपलब्धियों के लिए उन्हें पद्म भूषण सम्मान और तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड से नवाजा गया था। भारतीय वायुसेना ने उनके एविएशन अनुभव को सम्मान देते हुए उन्हें मानद एयर कमोडोर की उपाधि प्रदान की थी। वर्ष 2006 में वे मुंबई के शेरिफ के पद पर भी नियुक्त हुए थे।
पारिवारिक विवाद और आत्मकथा
जीवन के अंतिम वर्षों में विजयपत सिंघानिया अपने पुत्र गौतम के साथ संपत्ति संबंधी विवादों में चर्चा में रहे। उनकी आत्मकथा ‘एन एंजल इन ए कॉकपिट’ में उनके जीवन के संघर्ष, सफलताएं और अनुभवों को विस्तार से दर्ज किया गया है।