मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों में सरकार के वादों पर अमल न होने से बढ़ते असंतोष के बीच स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने फिर सड़क पर उतरने का फैसला किया है। संगठन ने आज बुधवार को भोपाल के अंबेडकर पार्क में दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है।
संगठन ने इस प्रदर्शन को “ऐतिहासिक” बनाने की तैयारी की है। मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि सालों से स्कूलों में सेवा दे रहे हजारों अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। चुनाव के दौरान किए गए वादों पर अब भी अमल नहीं होने से शिक्षकों में गहरी नाराजगी है।
पुराने वादे अभी तक अधूरे
प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को लेकर पहले कई बड़े वादे किए गए थे, जिन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने याद दिलाया कि इन मुद्दों पर पहले राजनीतिक स्तर पर भी काफी समर्थन मिला था, लेकिन अब वही नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
संयुक्त मोर्चा के समन्वयक रामचंद्र नागर और बी.एम. खान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “जब डॉ. यादव विधायक थे, तब उन्होंने अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाने की अनुशंसा की थी। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद वे इस दिशा में क्यों ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं?”
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें
- अतिथि शिक्षकों को नियमित (स्थायी) किया जाए
- विभागीय परीक्षा का आयोजन किया जाए
- वार्षिक अनुबंध की व्यवस्था लागू की जाए
- शिक्षक भर्ती में बोनस अंक दिए जाएं
स्थायी रोजगार की मांग
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के.सी. पवार और तूफान शर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद अतिथि शिक्षकों को बेरोजगार करना सरासर अन्याय होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को इन शिक्षकों को स्थायी रोजगार देकर उनके और उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए।
संगठन का मानना है कि यह केवल एक रोजगार का मुद्दा नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और गरिमा से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द ही इन मांगों पर ध्यान नहीं देती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।