पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पीछे वाली 70 वर्ष पुरानी झुग्गी बस्ती को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई शनिवार सुबह से शुरू हो गई है। इस बस्ती में पिछले कई दशकों से रह रहे 27 परिवारों को वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
प्रशासन ने पूरे इलाके को घेर लिया है। भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और आम आवाजाही को रोक दिया गया है। चार जेसीबी मशीनें भी मौके पर पहुंची हुई हैं। निवासियों ने अपने घरों में ताले लगाकर सामान की जिम्मेदारी पुलिस को सौंप दी है।
कांग्रेस का विरोध
कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार रात से ही मोर्चा संभाल लिया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने मौके पर धरना दिया हुआ है। वे परिवारों के उचित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
ये परिवार मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय के हैं और लंबे समय से यहां दिहाड़ी मजदूरी करके जीवन यापन करते आए हैं। प्रशासन की योजना के मुताबिक इन्हें भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी क्षेत्रों में बसाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह भूमि वन विभाग की बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह अतिक्रमण हटाने की नियमित प्रक्रिया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इस बस्ती को हटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन विरोध के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया था और कार्रवाई टल गई थी। वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, हालांकि प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई पूरी करने का दावा कर रहा है। इस घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।