राजधानी दिल्ली में 11 साल की एक बालिका के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी टैक्सी ड्राइवर को मंगलवार रात पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को घटनास्थल पर रीक्रिएशन के लिए ले जाया जा रहा था, तभी वह भागने की कोशिश करने लगा। उसे रोकने के लिए पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी। फिलहाल आरोपी अस्पताल में भर्ती है।
पीड़िता गुब्बारे बेचकर परिवार का गुजारा करती थी और महरौली इलाके में फुटपाथ पर सो रही थी। सोमवार सुबह आरोपी बबलू (टैक्सी ड्राइवर) ने उसे सोते हुए उठाकर अपनी कार में बिठाया और महरौली के जंगलों में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद उसने शव को जंगल में फेंक दिया।
परिवार ने सोमवार सुबह करीब 6 बजे महरौली थाने में बच्ची के लापता होने की सूचना PCR कॉल के जरिए दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की मदद से मात्र चार घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर बालिका का शव बरामद कर लिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपने अपराध को कबूल कर लिया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सड़क से गुजर रहा था, तभी सीडीआर चौक के पास फुटपाथ पर सोती हुई बच्ची दिखी। उसने नींद में ही उसे उठाकर कार की पिछली सीट पर लिटा दिया और जंगल ले गया।
पीड़ित परिवार भी बिहार का रहने वाला है। गरीबी के कारण किराया न चुकाने पर उन्हें मकान छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद पूरा परिवार फुटपाथ पर रहने लगा। परिवार में चार बच्चे हैं। माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। वहीं, आरोपी बबलू भी बिहार का निवासी है। उसके खिलाफ पहले भी मारपीट और नशे में वाहन चलाने के मामले दर्ज हैं।