कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की बुनियादी विचारधारा में कोई बदलाव नहीं आया है। संघ का मूल उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाना और हिंदुत्व को बढ़ावा देना है। साथ ही उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों को सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।
थरूर मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे एक दिन पहले इसी मंच पर भागवत ने Gen-Z और Gen-Alpha युवाओं से करीब एक घंटे तक संवाद किया था।
थरूर ने कहा कि RSS के अस्तित्व का मूल आधार हिंदुत्व की अवधारणा और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। यह मूल पहचान आज भी वैसी ही है। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले करीब दस साल से संघ प्रमुख के बयानों पर नजर रखने के बाद उन्हें संदेशों के तरीके में साफ बदलाव नजर आ रहा है।
उन्होंने भागवत के उन कथनों का जिक्र किया जिनमें कहा गया है कि हिंदू राष्ट्र का मतलब मुसलमानों या ईसाइयों के लिए जगह न होना नहीं है। भागवत ने यह भी कहा है कि मुसलमानों के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। थरूर के अनुसार, ऐसे बयान कई दशक पहले के संघ नेतृत्व से काफी अलग हैं।
भागवत ने युवाओं से बातचीत में Gen-Z और Gen-Alpha को पुरानी पीढ़ी से अधिक देशभक्त और ईमानदार बताया था। उन्होंने कहा कि युवा सवाल पूछते हैं और जवाब चाहते हैं। उनसे पर्याप्त संवाद न होने के कारण ही कुछ आंदोलन हुए। उन्होंने Gen-Z को राष्ट्र-विरोधी करार देने से इनकार किया।
थरूर ने अलग विचारधारा रखने वालों से संवाद की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग उन्हें पार्टी से निकालने की मांग कर रहे हैं, वे यह नहीं समझते कि भिन्न सोच वाले लोगों से भी बातचीत हो सकती है। उन्होंने 2029 में Gen-Z के सबसे बड़े मतदाता समूह बनने का जिक्र करते हुए युवाओं की आकांक्षाओं को समझने की बात कही।