प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यह देश का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने मंदिर के जीर्णोद्धार और संरक्षण की संयुक्त परियोजना का शुभारंभ किया।
मंदिर परिसर में संबोधन देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें जीवन में बार-बार भगवान शिव से जुड़ने का अवसर मिलता रहा है। उन्होंने अपने जन्मस्थान वडनगर के हाटकेश्वर महादेव, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ और महाकाल मंदिर का उल्लेख करते हुए प्रम्बानन को भी इसी कड़ी में शामिल किया। पीएम मोदी ने इसे अपने सौभाग्य की बात बताते हुए कहा कि इस प्राचीन धरोहर के नवीनीकरण से जुड़ना उनके लिए विशेष क्षण है।
प्रम्बानन मंदिर मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन इसमें ब्रह्मा और विष्णु के मंदिर भी हैं। लगभग 1,000 वर्ष पुराना यह परिसर रामायण की कथाओं से सजा हुआ है। भारत का पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) इंडोनेशियाई पक्ष के साथ मिलकर इसकी मरम्मत का काम संभालेगा, जिसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ के जाप गूंजते रहे और पारंपरिक स्वागत भी हुआ। प्रधानमंत्री ने इस दौरान मंदिर की सांस्कृतिक अहमियत पर जोर दिया और कहा कि पुनर्निर्माण पूरा होने के बाद वे दोबारा यहां आकर जश्न मनाएंगे।
इंडोनेशिया दौरा समाप्त, अगला पड़ाव ऑस्ट्रेलिया
मंदिर यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रस्थान कर गए। वे 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे, जहां द्विपक्षीय वार्ता, व्यापारिक कार्यक्रम और भारतीय समुदाय से मुलाकात शामिल है। इसके बाद न्यूजीलैंड का दौरा भी होगा।