लद्दाख के जाने-माने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनशन के 17वें दिन पहुंच गए हैं। जंतर मंतर पर चल रहे उनके इस प्रदर्शन में अब तक 8.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पर अनशन
वांगचुक NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में हुए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग रखी है। यह अनशन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन का हिस्सा है, जो युवाओं के मुद्दों को लेकर जून से दिल्ली में सक्रिय है।
सीजेपी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। उन्होंने युवाओं के भविष्य को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य पर चिंता, विपक्ष ने दी सलाह
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, लगातार भूख हड़ताल के चलते वांगचुक के ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के स्तर में गिरावट आई है। समर्थक उन्हें मौसम की मार से बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से कुछ अड़चनें भी सामने आई हैं।
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने वांगचुक से अपील की है कि वे अपना स्वास्थ्य देखते हुए अनशन समाप्त कर दें। साथ ही, सरकार से छात्रों के मुद्दों पर तुरंत ध्यान देने और संवाद शुरू करने की मांग की है।