भोपाल मेट्रो सेवा को और तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। शनिवार 25 जुलाई से मेट्रो सुभाषनगर से एम्स स्टेशन के बीच दोनों ट्रैक पर संचालित होगी। अब यात्री पीक ऑवर्स में हर 15 मिनट में मेट्रो पकड़ सकेंगे। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार इस दिन कुल 50 ट्रिप्स चलाई जाएंगी।
मेट्रो संचालन शुरू होने के सात महीने बाद अब आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू हो रहा है। इससे पहले मेट्रो केवल सिंगल ट्रैक पर चल रही थी। अब दोनों ट्रैक पर ट्रेनें चलने से फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। दिन के सामान्य समय में ट्रेनों के बीच 30 मिनट का अंतर रहेगा, जो पहले 75 मिनट था।
शुरुआत और तैयारी
भोपाल मेट्रो का औपचारिक उद्घाटन 20 दिसंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। अगले दिन से आम जनता के लिए सेवा शुरू हो गई थी।
जून महीने में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने दो दिन तक निरीक्षण किया था। गुरुवार को मिली मंजूरी के बाद 25 जुलाई से नए सिस्टम के तहत मेट्रो चलाने का फैसला लिया गया।
डिस्काउंट और यात्री सुविधाएं
मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों को आकर्षित करने के लिए प्रमोशनल डिस्काउंट पॉलिसी शुरू की है। इसमें रिटर्न जर्नी पर 5% और ग्रुप टिकट पर 10% की छूट दी जा रही है।
MPMRCL मोबाइल ऐप से ई-वॉलेट रिचार्ज करने वालों को अतिरिक्त बोनस मिलेगा:
- 200 से 499 रुपये: 8% बोनस
- 500 से 999 रुपये: 10% बोनस
- 1000 से 1499 रुपये: 12% बोनस
- 1500 से 2000 रुपये: 15% बोनस
यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन निर्धारित समय से 15 मिनट पहले खोल दिए जाएंगे, ताकि सुरक्षा जांच और प्लेटफॉर्म पहुंचने में पर्याप्त समय मिल सके। प्रत्येक स्टेशन पर विशिष्ट गेट्स पर मैनुअल टिकटिंग की व्यवस्था रहेगी।
नया सिग्नलिंग सिस्टम
सुभाषनगर से एम्स तक प्राथमिकता कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा हो चुका है। यह लगभग 800 करोड़ रुपये के 30 किमी लंबे टेंडर का पहला चरण है। भोपाल मेट्रो में दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक अपनाई जा रही है, जिससे ट्रेनों के बीच का हेडवे कम होगा और सेवा की फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी।