सरकार ने बोला: एथेनॉल से पेट्रोल का विकल्प, किसानों का फायदा  

केंद्र सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए लगभग 100 प्रतिशत एथेनॉल वाले ईंधन (E100) को औपचारिक मंजूरी दे दी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में संशोधन कर इसे कानूनी मान्यता प्रदान की है। 23 अक्टूबर को जारी गजट अधिसूचना के जरिए उत्सर्जन नियमों में E85 के साथ E100 को भी शामिल किया गया।

सरकार का कहना है कि इस कदम से देश की कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी। कुछ वाहन निर्माता जल्द ही E100 अनुकूल मॉडल बाजार में उतारने वाले हैं।

9 सवाल-जवाब में समझें पूरा फैसला

1. E100 आखिर है क्या?

यह पूरी तरह शुद्ध एथेनॉल नहीं होता। इसमें आमतौर पर 92 से 95 प्रतिशत निर्जल एथेनॉल होता है। बाकी हिस्सा पेट्रोल और कुछ एडिटिव्स का रहता है, जो इंजन को आसानी से स्टार्ट करने और ईंधन को स्थिर रखने में मदद करते हैं। यह E20 और E85 से ज्यादा मजबूत मिश्रण है।

2. नियमों में क्या बदलाव हुए?

मोटर वाहन नियमों के उत्सर्जन संबंधी प्रावधानों में अब E100 को भी जगह दी गई है। केवल उन वाहनों के लिए यह लागू होगा, जिन्हें निर्माता कंपनियों ने फ्लेक्स-फ्यूल के रूप में डिजाइन और प्रमाणित किया हो। बायोडीजल संबंधी कुछ प्रावधान भी अपडेट किए गए।

3. किन गाड़ियों में इसका इस्तेमाल संभव है?

सिर्फ खास तौर पर तैयार और प्रमाणित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में। सामान्य पेट्रोल या E20 वाली कारों-बाइकों में E85 या E100 डालने की अनुमति नहीं है। मौजूदा वाहन मालिकों को कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

4. फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक कैसे काम करती है?

इसमें एक ही ईंधन टैंक में अलग-अलग अनुपात के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर गाड़ी चल सकती है। ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों में यह पहले से प्रचलित है। वाहन की डिजाइन के अनुसार यह E85 या E100 तक जा सकता है।

5. आयात और प्रदूषण कैसे कम होंगे?

एथेनॉल देश में गन्ना, मक्का और अन्य फसलों से तैयार होता है। इसके ज्यादा इस्तेमाल से कच्चे तेल का आयात घटेगा। साथ ही, पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे प्रदूषक तत्वों में कमी आती है।

6. इससे पहले क्या प्रगति हुई थी?

इस साल जून में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने E100 के नियामक ढांचे को मंजूरी दी थी। मारुति सुजुकी की वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल और हीरो मोटरकॉर्प की कुछ मोटरसाइकिलें पहले ही लॉन्च हो चुकी हैं। कई अन्य कंपनियां भी तैयारियां कर रही हैं।

7. फिलहाल E100 कहां मिल रहा है?

कुछ चुनिंदा राज्यों के सीमित पेट्रोल पंपों पर यह उपलब्ध है। सरकार भविष्य में और ज्यादा आउटलेट खोलने की योजना पर काम कर रही है।

8. E20 वाली गाड़ियों पर कोई असर?

बिल्कुल नहीं। E20 और सामान्य पेट्रोल वाले वाहन पहले की तरह ही चलते रहेंगे। नया नियम सिर्फ फ्लेक्स-फ्यूल श्रेणी के लिए है।

9. किसानों और अर्थव्यवस्था को क्या फायदा?

अतिरिक्त कृषि उपज से एथेनॉल उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आमदनी सुधरेगी। देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।