90% तक सस्ती हुईं कैंसर दवाएं! नई कीमतें 9 नवंबर से लागू

कैंसर के इलाज में लगने वाली कई महंगी दवाओं के दाम में भारी कमी की गई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 543 एंटी-कैंसर दवा ब्रांडों और उनके विभिन्न पैक्स की अधिकतम खुदरा कीमतें संशोधित की हैं। इनमें से करीब 397 दवाओं के दाम घटाए गए हैं। नई दरें 9 नवंबर 2026 से पूरे देश में लागू होंगी।

सबसे उल्लेखनीय कटौती थियोटेपा नामक इंजेक्शन (सैमटेपा ब्रांड, 100 मिलीग्राम की एक शीशी) में हुई है। पहले इसकी कीमत लगभग ₹80,072 थी, जो अब घटकर करीब ₹7,150 रह गई है। इससे मरीजों को एक शीशी पर लगभग ₹73,000 की बचत होगी।

इसी तरह स्तन कैंसर में इस्तेमाल होने वाली पाल्बोसिक्लिब की दवा (पैलबोप्रो ब्रांड, 21 कैप्सूल का पैक) की कीमत भी काफी घटी है। पहले ₹40,421 वाले पैक की नई कीमत अब ₹2,720 तय की गई है।

कुछ अन्य दवाओं के बदले दाम

  • एनास्ट्रोज़ोल टैबलेट (10 की स्ट्रिप): लगभग ₹696 से घटकर ₹73
  • एजासिटिडाइन इंजेक्शन: ₹6,337 से ₹1,495
  • बेवासिजुमैब इंजेक्शन: ₹21,768 से ₹5,930
  • डेनोसुमैब इंजेक्शन: ₹22,031 से ₹5,941
  • एनजालुटामाइड कैप्सूल (28 का पैक): ₹6,578 से ₹2,232

कुल मिलाकर सैकड़ों दवाओं के दाम आधे से भी कम हो गए हैं। कई मामलों में 70 से 90 प्रतिशत तक की कटौती हुई है। हालांकि कुछ महंगी पेटेंटेड दवाओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यह निर्णय 17 अक्टूबर को लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले का नतीजा है, जिसमें 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को अधिकतम 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया था। इसका उद्देश्य दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला में अनावश्यक मुनाफे पर अंकुश लगाना और मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है।

दवा कंपनियों को नई कीमतें अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होंगी और खुदरा विक्रेताओं व अस्पतालों तक पहुंचानी होंगी। 9 नवंबर से सभी को इन नई दरों का पालन करना अनिवार्य होगा।