प्रदेश सरकार की भावान्तर योजना की शुरूआत शुक्रवार को शुभ मुहुर्त में जिले में हुई है। जिला मुख्यालय हरदा की कृषि उपज मण्डी में जिले के ग्राम भुन्नास निवासी दीपक बाबूलाल जाट ने अपना 27 क्विंटल 48 किलोग्राम सोयाबीन बेचकर योजना का शुभारम्भ किया। जिसकी खरीदी जैन इंडस्ट्रीज हरदा द्वारा की गई।
दीपक जाट को विक्रय किए गए सोयाबीन का 4651 रूपए प्रति क्विंटल भाव मिला। इस दौरान मण्डी प्रबन्धन द्वारा सोयाबीन विक्रय करने पहुंचे किसानों को मिठाई खिलाकर, पुष्पहार पहनाकर एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया। वहीं कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कृषि उपज मण्डी पहुंचकर भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मण्डी परिसर में सोयाबीन बेचने आने वाले किसानों के लिए पेयजल, छाया एवं बैठक व्यवस्था के समूचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सोयाबीन बेचने आने वाले किसानों की ट्रेक्टर-ट्रालियों को सुव्यवस्थित तरीके से खड़ा कराएं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री जैन ने मण्डी परिसर में संचालित किसान ई-पंजीयन केन्द्र तथा तौल कांटे की व्यवस्थाएं भी देखीं। इस दौरान कलेक्टर श्री जैन ने मण्डी परिसर में किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और योजनाओं के प्रति उनकी जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। इस अवसर पर एसडीएम एवं मंडी के भारसाधक अधिकारी अशोक डेहरिया सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
यह है भावान्तर योजना
किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए भावान्तर योजना शुरू की गई है। यह प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 2018-19 से लागू है। योजना के अनुसार यदि किसान को मंडी में उपज का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम मिलता है, तो राज्य सरकार औसत मॉडल भाव और एमएसपी के बीच के अंतर की राशि सीधे किसान के खाते डालेगी। भावान्तर योजना के तहत किसानों से सोयाबीन खरीदी की अवधि 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।