उज्जैन: 55 सीटर पुराना प्लेन बना लग्जरी होटल!

उज्जैन के दो सगे भाइयों ने संयुक्त रूप से एक 55 सीटों वाला पुराना हवाई जहाज स्क्रैप के रूप में खरीदा है। वे इसे मक्सी रोड पर अपने फार्महाउस में स्थापित कर लग्जरी होटल में तब्दील करने की योजना बना रहे हैं। जहाज को दो विशाल ट्रकों की मदद से दिल्ली से उज्जैन लाया गया।

भाइयों के नाम वीरेंद्र और पुष्पेंद्र हैं। राजलक्ष्मी इंटरप्राइजेज और कुशवाह एंड संस नामक अपनी कंपनियों के जरिए वे 2011 से रक्षा संस्थाओं से पुरानी सामग्रियां नीलामी में खरीदते आ रहे हैं।

2019 में इंडियन एयरफोर्स की नीलामी में उन्होंने मात्र साढ़े तीन लाख रुपए में मिग-21 फाइटर जेट हासिल किया था, जिसे नियमों के अनुसार टुकड़ों में काटा गया। अब बीएसएफ की नीलामी में 40 लाख रुपए देकर 55 सीटर एवरो वीटी-ईएवी विमान खरीदा है। यह विमान मूल रूप से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एचसीएल कंपनी को दिया था और 1991 में बीएसएफ को सौंपा गया।

विमान में सिर्फ फ्रेम और कॉकपिट बचा है

बीएसएफ ने इसे सीमा पर तैनात जवानों की मेडिकल आपात स्थिति में आवागमन के लिए इस्तेमाल किया। 2009 तक सेवा में रहने के बाद इसे कबाड़ घोषित कर दिया गया और दिल्ली एयरपोर्ट पर खड़ा कर दिया। भाइयों ने बताया कि खरीदे गए विमान में इंजन गायब है; केवल धड़ और कॉकपिट मौजूद हैं।

विमान को मक्सी रोड के करोंदिया गांव में बने अनंता विलेज फार्म स्टे पर रखा गया है। यहां इसे पर्यटकों के लिए शानदार रिहायशी कमरों में बदला जाएगा। जहाज का वजन 20 टन, लंबाई 70 फीट और दोनों पंख 50-50 फीट के हैं। मुख्य धड़ 70 फीट लंबे ट्रेलर पर तथा पंख 50 फीट वाले ट्रेलर पर लादकर लाए गए। दिल्ली से उज्जैन तक परिवहन पर पांच लाख रुपए खर्च हुए।

लंदन से एमबीए कर संभाला पैतृक कारोबार

पुष्पेंद्र वीरेंद्र के छोटे भाई हैं। लंदन से एमबीए पूरा कर 2014 में स्वदेश लौटे और पिता के स्क्रैप व्यवसाय की कमान संभाली। बड़े भाई स्नातक हैं। दोनों उज्जैन में इस अनोखे प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनका इरादा है कि लोग विमान के नए अवतार का मजा लें। नवीनीकरण के दौरान पायलट सीट भी बरकरार रखी जाएगी, ताकि मेहमान सेल्फी या फोटो खिंचवा सकें। देशभर से उज्जैन पहुंचने वाले सैलानियों के लिए यह नया आकर्षण साबित होगा।

उज्जैन में जल्द खुलेगा हवाई अड्डा

उज्जैन में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी जोरों पर है। देवास रोड की दताना हवाई पट्टी इलाके में 250 एकड़ भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिक योजनाओं में उज्जैन एयरपोर्ट अहम है। विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई अड्डा बनने से शहर की प्रगति तेज होगी और औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।