उज्जैन: सोमवार को कार्तिक-अगहन माह की पहली सवारी के साथ बाबा महाकाल की शोभायात्रा निकलेगी। शाम चार बजे मंदिर के सभामंडप में पूजा-अर्चना के बाद पालकी में विराजमान होकर भगवान महाकाल मनमहेश रूप में भक्तों के बीच नगर भ्रमण करेंगे। इस बार पहली बार श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का अपना बैंड भी सवारी का हिस्सा बनेगा, जिसमें 30 कलाकार मौजूद रहेंगे और विभिन्न वाद्य यंत्रों पर भक्ति भजन प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि इस बैंड का उद्घाटन दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था।
समिति का बैंड पहली सवारी से जुड़ेगा
मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने जानकारी दी कि कार्तिक माह की पहली सवारी से ही यह बैंड शामिल रहेगा। परंपरा के अनुसार सवारी में पुलिस बैंड, अश्वारोही दल, सशस्त्र बल और भजन मंडलियां भी उपस्थित रहेंगी। शोभायात्रा महाकाल मंदिर से प्रारंभ होकर गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। वहां मां शिप्रा के पवित्र जल से पूजन के पश्चात सवारी गुदरी बाजार और कहारवाड़ी मार्ग से वापस मंदिर लौटेगी।
17 नवंबर को राजसी अंदाज में सवारी
जिलाधीश रोशन सिंह ने बताया कि इस वर्ष 27 अक्टूबर को कार्तिक माह की प्रथम सवारी निकलेगी। दूसरी सवारी तीन नवंबर को होगी, जिसमें हरिहर मिलन के कारण रात्रि 12 बजे विशेष शोभायात्रा द्वारकाधीश गोपाल मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद अगहन माह की पहली सवारी 10 नवंबर को और भव्य राजसी सवारी 17 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
पूर्ण उत्साह के साथ निकलेगी शोभायात्रा
कलेक्टर ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर निगम द्वारा मार्गों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और जीर्ण भवनों की पहचान का कार्य संपन्न हो चुका है। अग्निशमन दल और संकेतकों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सवारी पूर्ण पारंपरिक वैभव के साथ निकाली जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन का लाभ मिले।