श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट के संबंध में डायेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) नलीन प्रभात ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस घटना को एक “आकस्मिक विस्फोट” (Accidental Explosion) बताया है। DGP ने इस घटना के कारणों को लेकर चल रही किसी भी अटकलबाजी को अनावश्यक करार दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा शुक्रवार रात लगभग 11:20 बजे हुआ, जिसमें 9 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है और 27 पुलिसकर्मियों, 2 राजस्व अधिकारियों तथा 3 नागरिकों सहित 32 लोग घायल हुए हैं।
DGP प्रभात ने बताया कि यह विस्फोट नौगाम पुलिस स्टेशन में FIR 162/2025 की जाँच के दौरान हुई एक कार्रवाई से जुड़ा है। पुलिस ने 9 और 10 नवंबर 2025 को फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, रसायन और रीजेंट बरामद किए थे। इस विशाल मात्रा की बरामदगी को, निर्धारित प्रक्रिया के तहत, नौगाम पुलिस स्टेशन के खुले क्षेत्र में सुरक्षित रूप से रखा गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बरामदगी के नमूनों को आगे की फोरेंसिक और रासायनिक जाँच के लिए भेजना आवश्यक था। रिकवरी की भारी मात्रा के कारण, यह सैंपलिंग प्रक्रिया पिछले दो दिनों (गुरुवार और शुक्रवार) से FSL (फोरेंसिक साइंस लैब) टीम द्वारा अत्यंत सावधानी से की जा रही थी। DGP ने कहा कि विस्फोटक के अस्थिर और संवेदनशील स्वभाव के कारण सैंपलिंग में पूरी सावधानी बरती गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश, इसी प्रक्रिया के दौरान यह आकस्मिक विस्फोट हो गया।
जान गंवाने वाले 9 लोगों में SIA (स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) का 1 कर्मी, FSL टीम के 3 कर्मी, 2 क्राइम सीन फोटोग्राफर, राजस्व विभाग (मजिस्ट्रेट टीम) के 2 अधिकारी और टीम से जुड़े 1 दर्जी शामिल हैं। घायल हुए लोगों को तुरंत निकटतम अस्पताल पहुँचाया गया। DGP ने यह भी बताया कि पुलिस स्टेशन की इमारत और आस-पास की इमारतों को गंभीर क्षति पहुँची है और क्षति की सीमा का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस इस दुखद घड़ी में मृतकों के परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है और घटना के वास्तविक कारणों की जाँच की जा रही है।