मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड: भोपाल में टूटा 84 साल का रिकॉर्ड

पूरे मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं के कारण कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है और पारा रिकॉर्ड स्तर पर लुढ़क गया है। राजधानी भोपाल में तो रात के तापमान ने नवंबर के इतिहास का सबसे सर्द रात का 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के आधे हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।

 भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, पारा 5.2°C पर

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि भोपाल में नवंबर के रात के तापमान का रिकॉर्ड टूट गया है। रविवार-सोमवार की रात में यहाँ पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले, वर्ष 1941 में रात का सबसे कम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वर्तमान में, प्रदेश में मौसम साफ है, जिसके कारण उत्तरी हवाओं का असर ज्यादा बना हुआ है।

मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड वेव (तीव्र शीतलहर) का अलर्ट जारी किया है। धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की सामान्य चेतावनी जारी की गई है।

ठंड के चलते स्कूलों के समय में बदलाव

कड़ाके की ठंड को देखते हुए बच्चों को राहत देने के लिए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है:

  • इंदौर: कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 बजे से करने के आदेश जारी किए हैं।
  • भोपाल: यहाँ भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षाएँ सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।
  • अन्य जिले: ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूल खुलने के समय में बढ़ोतरी की जा चुकी है, जबकि जबलपुर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में अभी तक बच्चों को कोई राहत नहीं मिल पाई है।

मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है, लेकिन इससे पहले प्रदेश में अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर बना रहेगा।