जैसलमेर जिले के खुहड़ी क्षेत्र के कोरवां गाँव में रविवार रात हुई दर्दनाक घटना में, बिजली निगम (डिस्कॉम) ने बड़ी लापरवाही के आरोप में अपने दो लाइनमैनों को सस्पेंड कर दिया है। विभाग द्वारा मामले की जांच के लिए टीम गठन का आश्वासन दिए जाने के बाद, मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने जवाहर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर से अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजन उसे गाँव लेकर गए।
दरअसल, खुहड़ी थाना इलाके के कोरवां गाँव में डिस्कॉम की गंभीर लापरवाही के कारण दलपतसिंह (32) पुत्र देवीसिंह नामक युवक की जान चली गई। गाँव में बिजली सप्लाई बाधित होने पर, दलपतसिंह ने लाइनमैन से शटडाउन (बिजली आपूर्ति बंद करने) की अनुमति ली और जंपर सही करने के लिए बिजली के खंभे पर चढ़ गए।
इसी दौरान, कर्मचारियों की कथित लापरवाही के कारण अचानक बिजली सप्लाई शुरू हो गई। दलपतसिंह करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन उन्हें तुरंत जवाहिर हॉस्पिटल लेकर पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
धरने पर बैठे थे परिजन, की हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
हादसे के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण सोमवार सुबह मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कड़ी मांग की कि दोषी कर्मचारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। परिजनों का मुख्य आरोप था कि जब दलपतसिंह ने बकायदा शटडाउन ले लिया था, तो बिना सूचना के बिजली सप्लाई कैसे चालू की गई। उन्होंने इसे कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही करार दिया।
दो लाइनमैन सस्पेंड, जांच टीम गठित
परिजनों के आक्रोश और धरने के बाद, डिस्कॉम हरकत में आया। डिस्कॉम एक्सईएन शैतानसिंह सिसोदिया ने बताया कि एसई (अधीक्षण अभियंता) के आदेश पर सहायक अभियंता (ग्रामीण) के अधीन कार्यरत लाइनमैन हरदेशाराम पुत्र गोरधनराम और मनरुप मीणा पुत्र लालुराम को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।
हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के लिए एक टीम भी गठित कर दी गई है। यह स्पष्ट किया जा रहा है कि शटडाउन देने के बाद बिजली सप्लाई कहाँ से और कैसे चालू हुई।
जल्द होने वाली थी शादी
मृतक दलपतसिंह अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था और अपनी माँ के साथ रहता था। उसकी सगाई हो चुकी थी और अगले दो-चार माह में शादी की तैयारियाँ चल रही थीं। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कर्मचारियों की कमी और निजी व्यक्तियों द्वारा फॉल्ट दुरुस्त करने का चलन भी जाँच का हिस्सा है। मामले की पूर्ण जांच जारी है।