बुधवार को शाम चार बजे अचानक मंडी में नीलामी बंद कर दी जिससे नाराज किसानों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया किसानों का आरोप था कि उपज के सही दाम नही मिल रहें हैं और अचानक नीलामी रोक दी हैं। किसानों ने बताया कि और तीन दिन की छुट्टी पड़ रही हैं। जिससे हमारे सामने समस्या खड़ी हो गई हैं। जितेन्द्र किरार एवं कुलदीप पाल ने बताया कि परिवार में शादी विवाह का आयोजन होना हैं ऐसे में किसान कहां जाएं और किसके सामने हाथ फैलाए। वीरेन्द्र ने बताया कि मंडी नीलामी में कई लापरवाही वरती जा रही हैं जिससे किसानों के सामने संकट आ गया हैं। मजबूर होकर हम लोगों को सड़कों पर आना पड़ा। किसानो का यह भी आरोप था कि व्यापारी उपज के सही दाम नही देते कही 2200 रूपए तो कही 2500 रूपएं क्वींटल में उपज लेना चाहते हैं जिससे हमें परेशानी हो रही हैं। किसानो ने बताया हमें मंडी में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिलता। सुबह से लेकर परेशान होना पड़ता है। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकलता। मजबूर होकर हम लोगों को आंदोलन का रास्ता तय करना पड़ता है। किसानों ने कहा कि रेट भी सही नहीं देते और व्यापारी उपज बाहर खरीदने के लिए तैयार रहते हैं। इस चीज का विरोध करने पर व्यापारी एक हो जाते हैं और मंडी में व्यवधान पैदा करते हैं। बुधवार को भी यही हुआ। व्यापारियों ने चार बजे नीलामी बंद कर दी। ऐसे में हम लोग कहां जाएं जबकि तीन-तीन दिन से लाइन लगाकर इस इंतजार में खड़े हैं कि नीलामी हो जाए और हम अपने घर चले जाएं। किसान राघवेंद्र का कहना था कि सर्दियों में आसमान तले खुले मैदान मे पड़े हुए हैं, जो टीनशेड बना है वह भी कम पड़ रहा है। बाद में पुलिस और मंडी प्रशासन ने पहुंचकर आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया। इस संबंध में मंडी सचिव नीलकमल वैद्य से संपर्क करने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो पाया।