छत्तीसगढ़ में आबकारी (Excise) और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) से जुड़े बड़े घोटालों की जाँच को आगे बढ़ाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीमों ने रविवार तड़के एक विशाल अभियान शुरू किया। टीमों ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर समेत करीब 20 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, जिससे प्रशासनिक और कारोबारी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई शराब बिक्री और खनिज फंड के दुरुपयोग से जुड़ी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जाँच का हिस्सा है। इस व्यापक ऑपरेशन में दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के निवास और उनके भाई चितरंजन दास के जगदलपुर स्थित आवास समेत कई प्रमुख ठिकाने निशाने पर हैं। इसके अलावा, रायपुर में कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोरा के निवास, धमतरी में रियल एस्टेट कारोबारी केतन दोषी, और कोंडागांव में DMF सप्लाई से जुड़े व्यवसायी कोणार्क जैन के ठिकानों पर भी जाँच चल रही है। कोंडागांव में अधिकारियों ने कोणार्क जैन की बंद दुकान (चोपड़ा मेटल) का ताला खुलवाकर भी दस्तावेजों की जाँच की। अंबिकापुर और बलरामपुर में भी DMF सप्लायरों और विभागीय लोगों के घरों पर कार्रवाई जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में टीमें वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड और विभागीय दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं, ताकि घोटालों की जड़ तक पहुँचा जा सके। पाँच जिलों में एक साथ की गई इस कार्रवाई से साफ है कि यह एक संगठित नेटवर्क था, और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे या गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।