MP में शीत लहर का अलर्ट: 6-7 दिसंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएगा ठंड

हिमालयी क्षेत्र में 5 दिसंबर से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने की संभावना है, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर अगले दो दिनों यानी 6 और 7 दिसंबर को देखने को मिल सकता है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड का प्रकोप बढ़ने की उम्मीद है। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी रहने की संभावना है।

वर्तमान स्थिति: 12 शहरों में पारा 10°C से नीचे

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले भी प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात में प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी 7.2°C के साथ सबसे ठंडा रहा। भोपाल और इंदौर में भी पारा 9°C  से नीचे दर्ज किया गया।

मंगलवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा और सुबह के समय कई स्थानों पर कोहरा छाया रहा। ग्वालियर में विजिबिलिटी 500 से 1,000 मीटर तक दर्ज की गई, जबकि भोपाल और दतिया में भी दृश्यता 1,000 मीटर तक रही।

नवंबर में टूटा था रिकॉर्ड

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल नवंबर में सर्दी ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो साल 1931 के बाद शीतलहर के सबसे ज्यादा दिन का रिकॉर्ड है। वहीं, 17 नवंबर की रात में पारा $5.2°C  तक पहुंच गया था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड रहा।