रांची के गांवों में दहशत: दो दिन में सात और पांच साल की बच्चियों से दुष्कर्म

रांची के ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ दो दिनों के अंदर मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार की दो हैरान करने वाली वारदातें हुई हैं, जिससे पूरे इलाके में गुस्सा और खौफ का माहौल है।

पहला मामला मुरी थाना क्षेत्र का है। सोमवार दोपहर एक सात साल की बच्ची घर पर अकेली थी क्योंकि उसके माता-पिता रोजी-रोजगार के लिए रांची गए हुए थे। मौका देखकर गांव का ही 25 साल का भरत चंद्र महतो उसे बहला-फुसलाकर पास के निर्जन स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शाम को जब माता-पिता लौटे तो बच्ची फफक-फफक कर रोते हुए सारी बात बताई। मां तुरंत बच्ची को लेकर मुरी थाने पहुंची और केस दर्ज कराया।

पुलिस ने फौरन छापेमारी की और आरोपी भरत चंद्र महतो को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। बच्ची का मेडिकल टेस्ट रांची सदर अस्पताल में हुआ। मुरी ओपी प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि आरोपी पर पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

दूसरा मामला मंगलवार सुबह बेड़ो थाना क्षेत्र का है। पांच साल की एक बच्ची सुबह करीब 10 बजे घर के पास गड्ढे में शौच के लिए गई थी। इसी दौरान पड़ोस के गांव के दो नाबालिग लड़कों ने उसके साथ बलात्कार की कोशिश की और जब बच्ची ने विरोध किया तो उसकी पिटाई भी कर दी। रोती-चिल्लाती बच्ची किसी तरह घर पहुंची और मां को सब बताया। मां जब मौके पर गई तो दोनों लड़के वहां छिपे थे, उसे देखते ही भाग निकले।

पीड़िता की मां ने फौरन बेड़ो थाने में शिकायत की। पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया और बच्ची को मेडिकल जांच के लिए रांची भेजा। इस मामले में भी पॉक्सो एक्ट के साथ मारपीट की धाराएं जोड़ी गई हैं।

इन दोनों घटनाओं से गांवों में लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि छोटी बच्चियों की सुरक्षा अब सबसे बड़ा संकट बन गई है। महिलाएं घर से बाहर निकलने में डर रही हैं। हालांकि पुलिस ने दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई की है, लेकिन लगातार बढ़ते इस तरह के जघन्य अपराधों ने झारखंड में बच्चियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।