पुलिस ने गोल्डी ढिल्लों गैंग का एक और सहयोगी किया गिरफ्तार

पंजाब की मोहाली पुलिस को विदेश-आधारित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों और मंदीप (स्पेन) के गैंग मॉड्यूल पर एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गैंग के लॉजिस्टिक और हथियार नेटवर्क में शामिल एक और सहयोगी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गैंग के खिलाफ चल रही जांच के दौरान बैकवर्ड लीकेज की पड़ताल के तहत हुई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रजत कुमार उर्फ राजन, निवासी गांव जन्नसूआ, थाना सदर राजपुरा, जिला पटियाला के रूप में हुई है। एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रजत कुमार गैंग के सदस्यों को हथियार उपलब्ध कराने, रहने की व्यवस्था कराने और उनकी आवाजाही (मूवमेंट) में मदद करने का काम करता था।

पिछले ऑपरेशनों से जुड़ी गिरफ्तारी की कड़ी

यह गिरफ्तारी मोहाली पुलिस की पिछले महीने की दो बड़ी कार्रवाइयों से जुड़ी है। यह कड़ी 12 नवंबर की उस कार्रवाई से जुड़ी है, जब मोहाली पुलिस ने एजीटीएफ (एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स) के साथ मिलकर दो शूटरों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 26 नवंबर को डेराबस्सी-अंबाला हाईवे के पास एक मुठभेड़ में पुलिस और एजीटीएफ ने चार अन्य शूटरों को काबू किया था। इस ऑपरेशन के दौरान दो पुलिस अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगी थीं, जबकि दो आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गए थे। इस दौरान 7 पिस्तौल और 70 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।

दोनों कार्रवाइयों में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, एसपी (ग्रामीण) मनप्रीत सिंह और डीएसपी डेराबस्सी बिक्रमजीत सिंह बराड़ की निगरानी में गठित विशेष टीम ने जांच शुरू की। गहन जांच के दौरान रजत कुमार का नाम सामने आया। पुख्ता सूचना के आधार पर, एसएचओ डेराबस्सी इंस्पेक्टर सुमित मोर के नेतृत्व में एजीटीएफ और मोहाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को डेराबस्सी बस स्टैंड के पास से आरोपी रजत कुमार को गिरफ्तार किया।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी रजत कुमार का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ पंजाब और हरियाणा में स्नैचिंग तथा आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वर्ष 2019 में जेल में रहने के दौरान ही उसका संपर्क गैंग के सदस्यों से हुआ था और हाल ही में वह गोल्डी ढिल्लों के करीबी मंदीप (स्पेन) के सीधे निर्देशों पर काम कर रहा था।

लॉजिस्टिक नेटवर्क पर बड़ा वार

एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि इस गिरफ्तारी के बाद अब तक गोल्डी ढिल्लों मॉड्यूल से जुड़े कुल 7 सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इन ऑपरेशनों में अब तक कुल 9 पिस्तौल और 80 जिंदा कारतूस बरामद कर चुकी है। एसएसपी ने जोर दिया कि यह गिरफ्तारी गैंगस्टरों को मिलने वाले लॉजिस्टिक और आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने में एक बड़ी सफलता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।