केरल HC ने विधायक राहुल मामकूटथिल की रेप केस  में  गिरफ्तारी 15 दिसंबर तक रोकी

केरल हाईकोर्ट ने रेप और जबरन गर्भपात के मामले में नामजद कांग्रेस के निष्कासित विधायक राहुल मामकूटथिल को 15 दिसंबर तक अंतरिम गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की है। जस्टिस के. बाबू की पीठ ने शनिवार (6 दिसंबर, 2025) को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को उनकी गिरफ्तारी से रोक दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।

पालक्काड से विधायक मामकूटथिल ने अपनी याचिका में यह दावा किया है कि महिला के साथ उनका संबंध सहमति से था और एफआईआर में लगाए गए आरोप रेप की कानूनी परिभाषा के तहत नहीं आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह बिना गिरफ्तारी के डर के पुलिस के सामने आरोपों की हर परिस्थिति को समझाने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उन्हें मौका दिया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिकायत दर्ज कराने में बहुत देर की गई और इसे उचित माध्यम के बजाय सीधे मुख्यमंत्री को सौंपा गया। विधायक के अनुसार, मामले में पुलिस हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है, और वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी को भी सुने बिना दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।

विधायक मामकूटथिल पर तिरुवनंतपुरम की नेमम पुलिस ने यौन शोषण और जबरन गर्भपात का मामला दर्ज किया है। उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था क्योंकि तिरुवनंतपुरम के प्रधान सत्र न्यायाधीश ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने अपनी याचिका में राजनीतिक विरोधियों द्वारा आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर स्थिति का “फायदा उठाने” की आशंका भी जताई है, साथ ही गर्भपात के आरोपों को झूठा बताया है।