केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए छह प्रमुख वादों (गारंटियों) को लेकर सवाल उठाए हैं।
रेड्डी ने अपने पत्र में कहा है कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन चुनावी घोषणापत्र ‘अभय हस्तम’ में वादा की गई छह गारंटियां अभी तक लागू क्यों नहीं हुईं। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की और ‘तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन डॉक्यूमेंट’ प्रस्तुत किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सोनिया गांधी ने सरकार के दो साल के कार्यकाल और मुख्यमंत्री के विकास विजन की प्रशंसा की, लेकिन इससे एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या सोनिया गांधी ने कभी इन छह गारंटियों की प्रगति की समीक्षा की या मुख्यमंत्री से इस बारे में कोई जवाब मांगा? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पुराने वादों को पूरा करने के बजाय नए विजन डॉक्यूमेंट के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
रेड्डी ने कहा कि सरकार और पार्टी नेतृत्व अपनी तारीफ में मस्त हैं, जबकि जनता से किए गए वादों पर कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही। उन्होंने तीखे अंदाज में पूछा कि क्या कांग्रेस अब चुनाव के समय दिए गए वादों से मुंह मोड़ चुकी है? जनता को यह स्पष्ट जवाब चाहिए कि आखिर वो छह गारंटियां कहां गईं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं, बेरोजगारों, छात्रों, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया, तो आने वाले समय में जनता इसका सख्त जवाब देगी।
पत्र के अंत में किशन रेड्डी ने कहा कि नई योजनाओं और भविष्य के विजन से पहले सरकार को पहले अपने पुराने वादों को पूरा करके विश्वसनीयता साबित करनी चाहिए, क्योंकि तेलंगाना की जनता सब कुछ बारीकी से देख और समझ रही है।