साइबर ठगी: 7130 करोड़ बचाए, लाखों फर्जी सिम-खाते बंद

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अक्टूबर 2025 तक साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाया। इस दौरान जांच एजेंसियों ने 23 लाख से अधिक शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की और आम लोगों के लगभग 7,130 करोड़ रुपये की ठगी होने से रोकथाम की।

साइबर अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए 31 अक्टूबर 2025 तक देशभर में 11.14 लाख से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल सिम कार्ड और 2.96 लाख मोबाइल फोन के IMEI नंबर ब्लॉक कर दिए गए। साथ ही अपराधियों के पैसे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए 32 लाख से अधिक म्यूल बैंक खातों को बंद किया गया।

इन प्रयासों का असर साफ दिख रहा है। खासकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी ठगी में पिछले एक साल में भारी कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 12,836 मामले सामने आए थे, जबकि अक्टूबर 2025 में यह संख्या घटकर मात्र 2,653 रह गई। इसी तरह ठगों द्वारा इस तरीके से लूटी गई राशि भी 184 करोड़ से घटकर 78 करोड़ रुपये रह गई।

I4C के अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधियों के इस्तेमाल होने वाले तकनीकी संसाधनों पर पूरी तरह अंकुश लगाने का प्रयास जारी है। फर्जी दस्तावेजों पर जारी सिम कार्ड और ठगी में काम आने वाले मोबाइल फोन के IMEI नंबरों को ब्लैकलिस्ट करने से अपराधियों की गतिविधियां काफी हद तक प्रभावित हुई हैं। म्यूल अकाउंट्स के बंद होने से अपराधियों के लिए ठगी की रकम को ट्रांसफर करना भी अब बहुत मुश्किल हो गया है।