उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हापुड़ में तैनात इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी इंस्पेक्टर का हाई-वोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला, जहाँ वह टीम के सदस्यों पर धौंस जमाता और मामला रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाता नजर आया।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार एक युवक को काफी समय से परेशान कर रहा था और उसके काम के बदले 4 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग कर रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग में की। विभाग ने प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए ‘ट्रैप’ की योजना तैयार की।
केमिकल लगे नोटों ने खोला राज टीम ने पीड़ित युवक को केमिकल लगे हुए 4 लाख रुपये के नोट दिए और उसे इंस्पेक्टर द्वारा बताए गए स्थान, रोहटा रोड स्थित संगम टावर के पास भेजा। जैसे ही इंस्पेक्टर ने पीड़ित से रुपयों से भरा पैकेट लिया, पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही केमिकल के कारण उसके हाथ लाल हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
गिरफ्तारी के बाद भी नहीं उतरी ‘वर्दी की हेकड़ी’ हैरानी की बात यह रही कि रंगे हाथों पकड़े जाने के बावजूद इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार टीम को ही हड़काने लगा और मामला ‘सेटल’ करने की बात कही। हालांकि, टीम ने उसकी एक न सुनी और उसे कंकरखेड़ा थाने ले आई। थाने में पूछताछ के दौरान वह कभी अपना मुंह छिपाता तो कभी पुराने रौबदार अंदाज में चलता हुआ दिखाई दिया।
फिलहाल आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।