बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव नगर परिषद में सर्वसम्मति से पारित, 6 जनवरी को मनेगा भव्य ‘नगर गौरव दिवस’

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की बरेली नगर परिषद की साधारण सभा में क्षेत्र के भविष्य और अस्मिता से जुड़े कई दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। परिषद की बैठक में सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बरेली को पृथक जिला बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। पिछले दो दशकों से चली आ रही क्षेत्रीय जनता की इस मांग को अब परिषद ने आधिकारिक समर्थन देते हुए शासन की ओर भेजने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत ‘राजा भैया’ चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विकास और प्रशासन से जुड़े कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

परिषद ने नगर की ऐतिहासिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए 6 जनवरी को ‘नगर गौरव दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाने का संकल्प लिया है। यह तिथि बरेली के इतिहास में मील का पत्थर है, क्योंकि 6 जनवरी 1949 को भोपाल रियासत के विलीनीकरण आंदोलन के दौरान जुगराज सोनी और राम प्रसाद अहिरवार ने नवाब पुलिस की बर्बरता का सामना करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस अवसर पर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, साथ ही स्कूली बच्चों को विशेष आयोजनों के माध्यम से नगर के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया जाएगा।

शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर भी बैठक में कई अहम फैसले हुए हैं। परिषद ने शहीद स्मारक स्थल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए भव्य प्रवेश द्वार निर्माण और यात्री प्रतीक्षालय की योजना को मंजूरी दी है। सामाजिक कार्यों में सक्रिय ‘टीम पहल’ को भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न वार्डों में पुलिया और सड़क निर्माण के कार्यों को हरी झंडी दी गई है। इसके अलावा, परिषद ने वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु विज्ञापन शुल्क, वाहन किराया और बस अड्डा शुल्क वसूली को लेकर भी ठोस कार्ययोजना तैयार की है। परिषद अध्यक्ष ने बताया कि गौरव दिवस की ही तरह आगामी गणतंत्र दिवस भी नगर में अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा।