बांग्लादेश में ‘सियासी पेंच’ में फंसी उस्मान हादी की हत्या; मुख्य आरोपी ने दुबई से वीडियो जारी कर खोली पुलिस के दावों की पोल

 बांग्लादेश में फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले राजनीतिक अस्थिरता चरम पर है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन और उनके अंतिम संस्कार के बाद जहां देश शोक और सहानुभूति की लहर में है, वहीं ‘इंकलाब मंच’ के नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले ने भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच नई दरार पैदा कर दी है। हालांकि, मुख्य आरोपी के एक ताजा खुलासे ने अब बांग्लादेश पुलिस और अंतरिम सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है।

दुबई से आया वीडियो: ‘भारत भागने’ का दावा निकला झूठा

उस्मान हादी की हत्या के मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद ने 24 घंटे के भीतर दूसरा वीडियो जारी कर बांग्लादेश पुलिस के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि वह हालुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत भाग गया है।

मसूद ने दावा किया है कि वह इस समय दुबई में है और ‘विच हंटिंग’ (राजनीतिक प्रतिशोध) से बचने के लिए वहां गया है। बांग्लादेश पुलिस इस मामले में भारत को घसीटने की कोशिश कर रही थी, क्योंकि हादी भारत-विरोधी विचारधारा का चेहरा था। लेकिन आरोपी के दुबई में होने की बात से भारत को बदनाम करने की कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं।

मसूद ने बताया कि उसने आईटी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए हादी को 5 लाख टका दिए थे, लेकिन उनके बीच कभी कोई हिंसक विवाद नहीं हुआ।

जमात-ए-इस्लामी पर शक की सुई

मसूद ने अपने पहले बयान में यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि उस्मान हादी की हत्या के पीछे जमात-ए-इस्लामी (जमात-शिबिर) के लोग हैं। गौरतलब है कि जमात को पाकिस्तान समर्थक विचारधारा के लिए जाना जाता है और शेख हसीना सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा रखा था। हादी की हत्या 18 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान हुई थी, जिसके बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग और मीडिया संस्थानों पर हमले हुए थे।

जयशंकर की मौजूदगी और कूटनीतिक संदेश

खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का शामिल होना एक बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। एक तरफ भारत शेख हसीना को शरण देने के मुद्दे पर दबाव झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ जयशंकर ने ढाका पहुँचकर यह संदेश दिया है कि भारत बांग्लादेश की जनता और वहां की लोकतांत्रिक स्थिरता के साथ खड़ा है।

तारिक रहमान ने जताया आभार

अंतिम संस्कार के बाद बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने एक भावुक बयान जारी किया। उन्होंने मां (खालिदा जिया) को सम्मानजनक विदाई देने के लिए मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश सेना, नौसेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों (DGFI, NSI) का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विदेशी गणमान्य अतिथियों (जिनमें एस. जयशंकर प्रमुख थे) के समन्वय के लिए विदेश मंत्रालय की भी सराहना की।