मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को अंजाम दिया है। जिले के चिकलाना गांव में एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक नेता के घर पर चल रही एमडी (MD) ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मौके से करोड़ों रुपये की ड्रग्स, भारी मात्रा में गोला-बारूद और दुर्लभ चंदन की लकड़ियां बरामद की हैं।
आधी रात को पुलिस की गुप्त दबिश, 16 हिरासत में
रतलाम एसपी अमित कुमार के निर्देशन में विशेष टीम ने गुरुवार रात करीब ढाई बजे कालूखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चिकलाना में एक मकान पर अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई थी कि टीम में शामिल चुनिंदा अफसरों के अलावा किसी भी पुलिसकर्मी को मिशन की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने मौके से 10 किलो तैयार एमडी ड्रग्स और करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य का केमिकल जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने परिसर से 16 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
चुनाव लड़ चुके नेता के घर से संचालित था काला धंधा
जांच में सामने आया कि जिस मकान में यह ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी, वह दिलावर खान पठान का है। दिलावर खान आजाद समाज पार्टी का प्रदेश पदाधिकारी है और यूपी के सांसद चंद्रशेखर का करीबी बताया जाता है। खास बात यह है कि दिलावर साल 2023 में जावरा विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुका है। जिस वक्त पुलिस ने छापेमारी की, आरोपी का परिवार उसी परिसर के दूसरे हिस्से में रह रहा था। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और मीडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
हथियार, कारतूस और राष्ट्रीय पक्षी भी बरामद
ड्रग्स के साथ-साथ पुलिस को मौके से हथियारों का जखीरा भी मिला है। तलाशी के दौरान 12 बोर की बंदूक और 91 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, परिसर से चंदन की लकड़ियां और दो मोर (राष्ट्रीय पक्षी) भी मिले हैं, जिसके बाद मामले में वन विभाग की कार्रवाई की भी संभावना बढ़ गई है।
राज्य पुलिस की ऐतिहासिक कामयाबी
आमतौर पर एमडी ड्रग्स फैक्ट्री जैसे मामलों में एनसीबी (NCB) या केंद्रीय एजेंसियां ही कार्रवाई करती हैं, लेकिन यह मध्य प्रदेश में अपनी तरह का पहला मामला है जहां राज्य पुलिस ने खुद इतनी बड़ी यूनिट को पकड़ा है। एसपी अमित कुमार पिछले तीन दिनों से अपनी विशेष टीमों के जरिए फैक्ट्री की रेकी करवा रहे थे।
वर्तमान में पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और इस ड्रग सिंडिकेट के नेटवर्क को खंगालने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यहाँ बनी ड्रग्स की सप्लाई किन-किन राज्यों और शहरों में की जा रही थी।