राजधानी भोपाल की जिला अदालत ने वैवाहिक धोखाधड़ी के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी महिला हसीना को दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मेघा अग्रवाल की अदालत ने महिला को अपने पिछले विवाहों की जानकारी छिपाकर निकाह करने के जुर्म में दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला?
फरियादी तबरेज उल्लाह, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने 27 मई 2022 को हसीना से निकाह किया था। विवाह के समय हसीना ने दावा किया था कि उसका केवल एक पूर्व पति (सलमान) था, जिससे उसका तलाक हो चुका है। हालांकि, शादी के कुछ समय बाद ही घर में विवाद शुरू हो गए, जिससे तंग आकर तबरेज के भाई ने आत्महत्या कर ली।
जांच में खुला ‘चार निकाह’ का राज
भाई की मौत के बाद जब गहराई से जांच की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। महिला ने तबरेज से पहले एक नहीं बल्कि चार लोगों से निकाह किया था। ट्रायल के दौरान सामने आए नामों में शामिल हैं: शमशेर, मतलूब हसन, सलमान, साबिर
हसीना ने अदालत को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि मतलूब, सलमान और साबिर तीनों एक ही व्यक्ति के नाम हैं। हालांकि, वह इस दावे का कोई प्रमाण पेश नहीं कर सकी। वहीं, फरियादी तबरेज ने उज्जैन और भोपाल की अदालतों से प्रमाणित दस्तावेज पेश किए, जिनमें हसीना द्वारा अपने अलग-अलग पूर्व पतियों के खिलाफ दर्ज कराए गए मामलों का रिकॉर्ड था।
कानूनी कार्रवाई और सजा
न्यायालय ने पाया कि महिला ने अपने किसी भी पूर्व पति से वैधानिक तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए और जानबूझकर अपनी पृष्ठभूमि छिपाई। धारा 82(2)के तहत अदालत ने महिला को दोषी माना और 2 साल का कठोर कारावास और जुर्माना की सजा सुनाए जाने के बाद महिला को अपील दायर करने के लिए फिलहाल जमानत मिल गई है।