जबलपुर के सिहोरा क्षेत्र में आबकारी विभाग ने एक बेहद चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए सरकारी तंत्र की नाक के नीचे चल रहे शराब के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। कलेक्टर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी टीम ने धनगांवा गांव में स्थित एक पुराने सरकारी पशु चिकित्सालय की इमारत पर दबिश दी। यह इमारत बंद पड़ी थी, जिसे विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में खोला गया। तलाशी के दौरान अधिकारियों को वहां भारी मात्रा में अवैध निर्माण की सामग्री मिली, जिसमें 25 लीटर हाथ भट्टी शराब और लगभग 1,050 किलोग्राम महुआ लाहन शामिल था। विभाग ने 70 प्लास्टिक कंटेनरों में भरे इस लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया और अब इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि एक सरकारी भवन का इस्तेमाल इतने बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों के लिए कैसे किया जा रहा था।
छापेमारी और तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
इसी अभियान के तहत दूसरी बड़ी कार्रवाई बड़ाखेड़ा गांव में हुई, जहां टीम ने मूरत ठाकुर नामक आरोपी के घर पर छापा मारा। वहां से भारी मात्रा में अवैध मसाला और प्लेन शराब के क्वार्टर बरामद किए गए, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को हुई इन विभिन्न कार्यवाहियों में विभाग ने कुल पांच केस दर्ज किए हैं। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग कर अवैध काम करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीणों का आक्रोश और महिलाओं का आंदोलन
गौरतलब है कि सिहोरा इलाके के गांवों में अवैध शराब की बिक्री को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से आक्रोश है। हाल ही में 2 जनवरी को सिहोरा की महिलाओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए एक तस्कर से शराब की क्रेट छीनकर बोतलें सड़क पर फोड़ दी थीं। ग्रामीणों के इसी कड़े विरोध और प्रशासनिक सख्ती के बाद आबकारी विभाग अब माफियाओं के खिलाफ लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहा है। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि नशा मुक्त समाज की दिशा में काम किया जा सके।