लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से सऊदी अरब के जेद्दा के लिए उड़ान भरने वाले सऊदिया अरबिया एयरलाइंस के विमान (फ्लाइट नंबर SV-891) की शुक्रवार को इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद जब विमान मुंबई के हवाई क्षेत्र के पास पहुंचा, तब अचानक केबिन प्रेशर में तकनीकी समस्या आ गई। दबाव कम होने के कारण विमान में सवार यात्रियों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
82 मिनट बाद वापस लखनऊ लौटा विमान
पायलट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहले मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति मांगी, लेकिन वहां से परमिशन नहीं मिलने पर विमान को वापस लखनऊ मोड़ने का निर्णय लिया गया। लखनऊ एयरपोर्ट से अनुमति मिलते ही विमान ने यू-टर्न लिया और करीब 82 मिनट के भीतर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान में कुल 275 यात्री, 4 पायलट और 6 क्रू मेंबर सवार हैं। फिलहाल विमान रनवे से हटाकर खड़ा कर दिया गया है और इंजीनियरों की टीम तकनीकी खामी को दूर करने में जुटी है।
विमान जब 30,000 से 40,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ता है, तो वहां ऑक्सीजन का स्तर और वायुदाब (Air Pressure) बहुत कम हो जाता है। यात्रियों को सामान्य रूप से सांस लेने में सक्षम बनाने के लिए विमान के अंदर आर्टिफिशियल एयर प्रेशर (केबिन प्रेशर) बनाया जाता है। यह सिस्टम ऊंचाई पर भी विमान के भीतर 6,000-8,000 फीट जैसी स्थिति बनाए रखता है। इसमें खराबी आने पर ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है और यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब इस एयरलाइंस के विमान में लखनऊ में तकनीकी खराबी आई हो। पिछले साल 15 जुलाई, 2025 को भी सऊदिया अरबिया की एक फ्लाइट (SV-3112) की लैंडिंग के दौरान पहियों से चिंगारी और धुआं निकलने लगा था। उस समय विमान में 242 हजयात्री सवार थे। जांच में पता चला था कि हाइड्रोलिक सिस्टम में लीकेज के कारण वह हादसा हुआ था। गनीमत रही कि उस समय भी पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया था।