छत्तीसगढ़: कथावाचक ने मंत्री पर 15 लाख न चुकाने का आरोप लगाया, विधानसभा के बाहर आत्मदाह की दी चेतावनी

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने एक वीडियो जारी कर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि मंत्री ने उनसे श्रीमद्भागवत कथा करवाई, लेकिन अब करीब 15 लाख रुपये का भुगतान नहीं कर रहे हैं। कथावाचक ने चेतावनी दी है कि यदि उनका बकाया नहीं चुकाया गया तो वे विधानसभा परिसर के बाहर आत्मदाह कर लेंगे।

डॉ. रामानुरागी महाराज के अनुसार, 2 जनवरी से 9 जनवरी तक उन्होंने अंबिकापुर जिले के लखनपुर गांव में मंत्री राजेश अग्रवाल के आयोजन में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। कथा समाप्त होने के बाद भी जब पैसे मांगने गए तो उन्हें टाला गया और अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि बार-बार संपर्क करने पर भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

इस वीडियो को कांग्रेस नेता धनंजय ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर वायरल किया है। ठाकुर ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार बाहरी कथावाचकों जैसे धीरेंद्र शास्त्री को विशेष सुविधाएं देती है, लेकिन छत्तीसगढ़ के स्थानीय कथावाचकों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने मंत्री पर छत्तीसगढ़ के कलाकारों और धार्मिक व्यक्तियों का अपमान करने का आरोप लगाया।

वहीं, मंत्री राजेश अग्रवाल ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा करार दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. रामानुरागी महाराज ने स्वयं संस्कृति विभाग में आयोजन के लिए आवेदन दिया था, जिसे उन्होंने अन्य आवेदनों की तरह रिमार्क किया था। विभाग ने आवेदन अस्वीकार कर दिया, क्योंकि ऐसे आयोजनों के लिए सरकारी मानदेय का प्रावधान नहीं है।

मंत्री ने कहा कि आवेदन खारिज होने के बाद कथावाचक उनसे व्यक्तिगत रूप से पैसे मांग रहे हैं, जबकि उन्होंने कभी कोई आयोजन नहीं करवाया। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले विधानसभा जाते समय कथावाचक से मुलाकात हुई थी, लेकिन जल्दबाजी में ज्यादा बात नहीं हो सकी। अब इस तरह का वीडियो वायरल हो रहा है।