राज्यसभा में आज सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों को भावुक विदाई दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में कहा कि 37 सदस्यों का कार्यकाल आज पूरा हो रहा है, जबकि कुल 59 सदस्य अप्रैल-जून के दौरान अपना कार्यकाल समाप्त कर रहे हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और उपसभापति हरिवंश शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा, “राजनीति में फुलस्टॉप नहीं होता। हर दो साल में एक बड़ा समूह जाता है और नया समूह अनुभवी सदस्यों से सीखता है।”
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विदाई भाषण देते हुए सदन को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा, “कहां से शुरू करें, यह समझ नहीं आता। आपके विदाई के जिक्र से ही दिल भर आता है। राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर्ड भी नहीं होते, टायर्ड भी नहीं होते।” खड़गे ने सदन के खट्टे-मीठे अनुभवों का जिक्र किया और कहा कि कई सदस्य फिर से सदन में लौटेंगे।
खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा का जिक्र करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “देवगौड़ा जी हैं, प्रधानमंत्री भी रहे। उनके साथ काम भी किया है। जानें क्या हुआ उनको, प्रेम हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ।” इस टिप्पणी पर सदन में हंसी की लहर दौड़ गई।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (प्रगोतिश थावरचंद अठावले) का नाम लेते हुए खड़गे ने कहा, “अठावले साहब हैं, उनकी कविता भी सिर्फ मोदी साहब पर आती है।” इस पर भी सदन में मुस्कान छा गई। पीएम मोदी ने अठावले जी का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे अठावले जी जा रहे हैं। उम्मीद है उनकी कमी सदन को नहीं खलेगी। यह मीडिया का जमाना है, उनके व्यंग्य मिलते रहेंगे।”
उपसभापति हरिवंश, जो खुद सेवानिवृत्त हो रहे हैं, ने भी भावुक विदाई भाषण दिया। उन्होंने कहा, “सदन के एक-एक सदस्य का सहयोग मिला, सबके प्रति आभार।” उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र किया और 2014 में विपक्ष में आने के अनुभव साझा किए।
इस मौके पर पीएम मोदी ने सभी रिटायरिंग सदस्यों के योगदान की सराहना की और कहा कि उनके अनुभव “अतुलनीय” हैं। सदन में खड़गे की व्यंग्यात्मक टिप्पणियों पर पीएम मोदी और अन्य सदस्यों ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी।
राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह के दौरान सदन में गर्मजोशी और भावुकता का माहौल रहा। इन 37 सदस्यों के कार्यकाल के समापन के साथ राज्यसभा की सदस्यता में बदलाव होगा और अप्रैल 2026 में इन सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे।